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इन दिनों : सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है युधिष्ठिर?
“आदमी को लगता है कि वह ही धरती का नियंता है। एक दिन उसका शरीर अर्थी पर पड़ा रहता है। …
ग्रामीण रोजगार की गारंटी का योजना में बदल जाना
‘मनरेगा’ के बदले ‘वीबी जी राम जी’ लाया जाना केंद्र सरकार के कई उद्देश्यों की पूर्ति एक ही साथ करता …
इन दिनों : शिक्षा में शस्त्र और शास्त्र का द्वंद्व
“भीष्म ने कृपाचार्य से पूछा कि पांडव और कौरव को किस-किस चीज की शिक्षा दे रहे हैं? कृपाचार्य ने उल्लसित …
इन दिनों : एलन मस्क, भीष्म और जूनियर ट्रंप
“डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर और एलन मस्क की वैवाहिक कथा आधुनिक युग की है और शांतनु, विचित्रवीर्य, धृतराष्ट्र और पांडु की …
इन दिनों : कितने मुनासिब हैं इस सफर के लिए
“दरअसल सरकार समझने में असमर्थ है कि राज्य के विकास में काम चाहिए। भ्रष्टाचार मुक्त सरकारी दफ्तर चाहिए। सम्मान से …
बुलडोज़र न्याय बनाम संवैधानिक नैतिकता
“झोपड़ियाँ इसलिए नहीं उगतीं कि लोग क़ानून तोड़ने का आनंद लेते हैं, बल्कि इसलिए कि शहर रोज़गार तो देता है, …
इन दिनों : महात्मा गांधी की दृष्टि में वकील और डॉक्टर
चिकित्सा और वकालत – दोनों ऐसे पेशे हैं, जहाँ पीड़ित और परेशान लोग ही पहुँचते हैं। परंतु दोनों ही जगहों …
असमानता और सार्वजनिक शिक्षा के बीच संबंध
दुनिया के अलग-अलग देशों में गहरी आर्थिक असमानता है और यह असमानता एक देश के भीतर अलग-अलग-क्षेत्रों और समुदायों में …
इन दिनों : तर्क, ज्ञान और अंधश्रद्धा
“ज्ञान के विस्फोट हो जाने के बाद भी हमने सम्मान के साथ जीना नहीं सीखा है और न दूसरे को …
वंदे मातरम् : राष्ट्रभाव का गीत या राजनीतिक विवाद?
“राष्ट्रवाद की विरासत को हथियाने की यह प्रवृत्ति असल में इतिहास के सरलीकरण और चयनात्मक स्मृति का परिणाम है।” – …
इन दिनों : तम का सागर लहराता है
“जिसे कोई काम न मिला, वह देश चला रहा है। घर भर रहा है। जिसे काम मिला, वह मजे कर …
इन दिनों : फाइव ट्रिलियन का सपना और लोगों पर बुलडोजर
“संसद में भी काँव-काँव हो रहा है। मैं अपने गाँव में देखता था कि दो औरतों ने लड़ाई की शुरूआत …












