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इन दिनों : रेप पीड़िता, कुलदीप सेंगर और न्यायालय

“इस संगीन अपराधकर्म में न्यायपालिका भी है, विधायिका भी और कार्यपालिका भी। तीनों पर से वस्त्र उतर रहे हैं। बिल्किस …

भारत पढ़ाकुओं का सिरमौर कैसे है?

दुनिया में सबसे अधिक पढ़नेवाले देशों में भारत का स्थान दूसरा है। जबकि यहाँ बमुश्किल 10 प्रतिशत लोग मैट्रिक पास …
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इन दिनों : आप कहाँ हैं अरावली के शेरो!

“अगर आपकी आँखों पर भी नारे और वादों की पट्टी है या नेताओं के धूर्त-जाल में फंस गए हैं तो …

इन दिनों : इस सूने गलियारे में, पहरा देते हम

“नैतिकता कोई जड़ चीज नहीं है। समय, काल और स्थान पर नैतिकता परिवर्तित हो जाती है।” – इसी आलेख से …

इन दिनों : रिश्तों की मृत्यु कहीं आदमी की मृत्यु तो नहीं!

“यह बात सही है कि आर्थिक तंगी भी कई समस्याओं को जन्म देती है। लेकिन आर्थिक तंगी खत्म होने के …

इन दिनों : हर मर्ज की एक दवा- गोबर और गौ मूत्र

“पाखंड और अंधविश्वास परोस कर लोगों के कान, आँख और मुँह बंद कर दिए। ऐसी सीख और पट्टी पढ़ाई कि …

इन दिनों : सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है युधिष्ठिर?

“आदमी को लगता है कि वह ही धरती का नियंता है। एक दिन उसका शरीर अर्थी पर पड़ा रहता है। …

ग्रामीण रोजगार की गारंटी का योजना में बदल जाना 

‘मनरेगा’ के बदले ‘वीबी जी राम जी’ लाया जाना केंद्र सरकार के कई उद्देश्यों की पूर्ति एक ही साथ करता …
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इन दिनों : शिक्षा में शस्त्र और शास्त्र का द्वंद्व

“भीष्म ने कृपाचार्य से पूछा कि पांडव और कौरव को किस-किस चीज की शिक्षा दे रहे हैं? कृपाचार्य ने उल्लसित …

इन दिनों : एलन मस्क, भीष्म और जूनियर ट्रंप

“डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर और एलन मस्क की वैवाहिक कथा आधुनिक युग की है और शांतनु, विचित्रवीर्य, धृतराष्ट्र और पांडु की …

इन दिनों : कितने मुनासिब हैं इस सफर के लिए

“दरअसल सरकार समझने में असमर्थ है कि राज्य के विकास में काम चाहिए। भ्रष्टाचार मुक्त सरकारी दफ्तर चाहिए। सम्मान से …

बुलडोज़र न्याय बनाम संवैधानिक नैतिकता

“झोपड़ियाँ इसलिए नहीं उगतीं कि लोग क़ानून तोड़ने का आनंद लेते हैं, बल्कि इसलिए कि शहर रोज़गार तो देता है, …
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