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संविधान पर चर्चा या कांग्रेस पर वार?

लोकसभा के शीतकालीन सत्र में संविधान के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में संविधान पर विशेष चर्चा आयोजित की गई थी। …
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इतिहास के फैसले: मंदिर, मस्जिद और न्यायालय

पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की यह दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी कि 1991 का कानून 1947 से पहले के स्थानों के धार्मिक …
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बुझता हुआ चिराग़ है संविधान की प्रस्तावना

जिस उदात्त सोच के साथ इस देश की संवैधानिक बुनियाद रखी गई थी, समय बीतने के साथ ही लगातार वह …
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सामाजिक-मानवीय आधार पर शिक्षा के पुनर्गठन की ज़रूरत

सामाजिक-मानवीय आधार पर शिक्षा के पुनर्गठन की ज़रूरत

सत्ता और पूँजीवाद के गठजोड़ ने शिक्षा को अपने हितों की पूर्ति का साधन बना लिया है। सामाजिक और मानवीय …
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प्रौद्योगिकी के प्रभाव में ज्ञान-सृजन को अमानवीय नहीं बनाना चाहिए

प्रौद्योगिकी के प्रभाव में ज्ञान-सृजन को अमानवीय नहीं बनाना चाहिए

मानवीय संपर्क, जिसके तहत विद्यार्थी कक्षा में दिलचस्प प्रश्न पूछ सकते थे, शिक्षकों को चुनौती दे सकते थे, आत्मनिरीक्षण कर सकते थे या …
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कांग्रेस को दवा की नहीं, मेजर ऑपरेशन की जरूरत

कांग्रेस को दवा की नहीं, मेजर ऑपरेशन की जरूरत

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में हाल के चुनावी नतीजे के मद्देनज़र एक विश्लेषण …
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तीन नये आपराधिक दंड क़ानून और नागरिक स्वतंत्रता

तीन नये आपराधिक दंड क़ानून और नागरिक स्वतंत्रता

तीन नये आपराधिक दंड क़ानूनों पर यह ‘लोक स्वातंत्र्य संगठन’ (पीयूसीएल) का दृष्टि-पत्र है, जो दिनांक 01 सितंबर, 2024 को …
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students, school, teacher

शिक्षा नीति 2020 में शिक्षकों के हितों की पड़ताल

यह शिक्षा नीति शिक्षकों के ‘प्राचीन सम्मान’ को लौटाने का वाचिक आश्वासन भले ही देती हो, शिक्षकों से एक स्पंदनशील …
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महिलाओं के विरुद्ध हिंसा से निपटने के लिए अपनी राजनीतिक चेतना में परिवर्तन लायें

महिलाओं के विरुद्ध हिंसा से निपटने के लिए अपनी राजनीतिक चेतना में परिवर्तन लायें

जाति, वर्ग, जातीयता और लिंग की जटिलताओं पर विचार करने की आवश्यकता है। यह न्याय का प्रश्न है और साथ …
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पश्चिम बंगाल में छात्रों की आड़ में राजनीति

वो भी उतने ही बड़े दरिंदे हैं, जो बेटियों के साथ हुए अपराधों को सत्ता की सीढ़ियाँ बनाते हैं। …
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इलाज

गाँव से आए भोले-भाले माधो को अस्पताल में अपने-आप विकसित हो गए इस व्यवसाय-तंत्र का तो पता ही नहीं था। …
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