इन दिनों : 2025 का सफर, ये कैसा सफर
‘अवतार’ फिल्म का गाना है – ‘दिन महीने साल गुजरते जायेंगे, हम प्यार में जीते, प्यार में मरते जायेंगे।’ कोई दिन या क्षण नहीं ठहरा, तो बरस 25 भी नहीं ठहरा। समय ससर रहा है। अविराम बहता-सा रहा है। मनुष्य काल का शिकार है। कबीर लिखते हैं – “झूठे सुख को सुख कहै, मानत हैं … Continue reading इन दिनों : 2025 का सफर, ये कैसा सफर
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