इन दिनों : अब तो इस तालाब का पानी बदल दो

“चुनाव में रोग लगा और अब यह कैंसर का रूप ले रहा है। इसका ठीक से इलाज नहीं हुआ तो लोकतंत्र को राजतंत्र या सैनिक तंत्र में बदलने में देर नहीं लगेगी।” – इसी आलेख से