इन दिनों : अनासक्ति और कामना 

“संसार से मुक्त होने की कामना भी क्या एक कामना नहीं है? मनुष्य भावनाओं और विचारों की दुनिया में छटपटाता रहता है। जन्म लेता है तो मन विराट रहता है।  परिवार और समाज के बीच रहते हुए संकीर्ण होता जाता है।” -इसी आलेख से