इन दिनों : और चाँद चू गया

“चाँद तो सूरज से रोशनी लेता है। आदमी भी एक-दूसरे से ज्ञान प्राप्त करता है। ज्ञान ही तो आदमी की रोशनी है, वरना आठ जगहों से टेढ़े अष्टावक्र जनक के दरबारियों को चुनौती कैसे देता!” – इसी आलेख से