इन दिनों : कारवाँ गुजर गया, ग़ुबार देखते रहे 

“आज अपने इतिहास को ठीक से समझने की ज़रूरत है। एक बार फिर देश में खतरा मँडरा रहा है। ” – इसी आलेख से