इन दिनों : रेप पीड़िता, कुलदीप सेंगर और न्यायालय
“इस संगीन अपराधकर्म में न्यायपालिका भी है, विधायिका भी और कार्यपालिका भी। तीनों पर से वस्त्र उतर रहे हैं। बिल्किस बानो का केस याद होगा। निचली अदालत अपराधियों की सजा माफ करता है। अपराधी जेल से निकलता है तो ध्वजधारी पार्टी के लोग माला लेकर उसके स्वागत में नारे लगाते हैं। यह कौन समाज है भाई!” – इसी आलेख से
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed