इन दिनों : सैंया को कोतवाल नहीं होना चाहिए

अगर लोकतंत्र के प्रति आस्था न हो, तो लोकतांत्रिक ढंग से चुन कर आने के बाद या तत्कालीन राजनैतिक शख्सियत से समझौता कर भी आप लोकतंत्र का हत्यारा हो सकते हैं। लोकतंत्र को खत्म करने के लिए कोई जरूरी नहीं है कि राजधानी की गलियों में टैंक उतरवाये जायें या गोलियों से लोगों के कलेजे … Continue reading इन दिनों : सैंया को कोतवाल नहीं होना चाहिए