इन दिनों : शर्म पर गर्व और गर्व पर शर्म का अमृत काल

“देश में सत्ता की ओर से फैलाई जा रही नफ़रत और हिंसा के शिकार कौन होगा, कहा नहीं जा सकता। इतना भर जरूर कहा जा सकता है कि आसार अच्छे नहीं हैं।” – इसी आलेख से