युवराज डूब गया

“अगर शिक्षा का निजीकरण इसी रफ़्तार से चलता रहा तो डिग्री सब के पास होगी, पर पढ़ा-लिखा, शिक्षित-दीक्षित कोई नहीं होगा।” – इसी आलेख से