इहलोकतंत्रमुझे तो इहलोकतंत्र चाहिए!"क्या है इहलोकतंत्र? मैंने पाया यह दुनिया मेरी है। मैं इसे लिख रहा हूँ, ना सिर्फ़ शब्दों में, बल्कि अपने कर्मों से। मैंने अपने कर्म लिख डाले।" - इसी आलेख से सुकांत कुमारJanuary 17, 20262 Comments