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पॉलो फ्रेरे का समीक्षात्मक चेतना और कर्म का सिद्धांत (भाग 3)

प्रस्तुत आलेख में पॉलो फ्रेरे के द्वारा प्रतिपादित समीक्षात्मक चेतना और कर्म का सिद्धांत की विवेचना की गयी है। फ्रेरे …
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Close-up of ripe mangoes hanging on a branch surrounded by lush green leaves.

इन दिनों : ज़िंदगी ज़िंदादिली का नाम है 

“इस बार मैंने बगीचे को क़रीब से देखा- मंजर लगने से फल टूटने तक। बीच में आँधी आयी। लाखों अमौरियॉं …
a passport, watch and pen on a table

दस्तावेज़ों के अनुसार कौन है भारत का नागरिक?

न पासपोर्ट, न आधार कार्ड, न वोटर आईडी कार्ड – तो राज्य के द्वारा भारतीय नागरिकों को कौन ऐसा दस्तावेज़ …
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पौलो फ्रेरे का बैंकिंग मॉडल और संवादात्मक शिक्षा (भाग 2)

प्रस्तुत आलेख पौलो फ्रेरे के ‘उत्पीड़ितों का शिक्षाशास्त्र (Pedagogy of the Oppressed) की समीक्षा-शृंखला का दूसरा भाग है। इस अंक …
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a large building with a clock tower on top of it

इन दिनों : वैचारिक उदात्तता और संकीर्णता

“अंदर गया तो एक शिक्षिका अकेली अपने कमरे में बैठी थी। मुझे देखते ही खड़ी हो गई। प्रणाम किया और …

हार के बाद क्यों शुरू होता है ‘आंतरिक लोकतंत्र’?

प्रस्तुत आलेख में चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस में हो रही टूट के बहाने भारत के राजनीतिक परिदृश्य की विवेचना …
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इन दिनों : युवाओं का प्रदर्शन: साज़िश, संदेह और उम्मीदें

“ये लोग हिंदू-मुसलमान, पाकिस्तान, देशद्रोही जैसे शब्दों से शुरू होते हैं और वहीं ख़त्म।” – इसी आलेख से …
gray printing paper on white surface

इन दिनों : हवा के नये झोंके से कुछ सवाल

“एक बार फिर फ़िज़ाओं में बदलाव की गंध है। वह किस रूप में व्यक्त होगा, कहा नहीं जा सकता, लेकिन …

इन दिनों : वक्त का तराना

“आज़ादी इसलिए नहीं मिली थी कि जिनके पूर्वजों ने ख़ून बहाया, उनकी नागरिकता पर ही सवाल उठने लगे। उन्हें ‘परजीवी’ …

इन दिनों : बदजुबानी की राजनीतिक संस्कृति

“नेताओं की बदज़ुबानी के पीछे कुशिक्षा ही है। पहले के नेताओं की औपचारिक शिक्षा बहुत नहीं भी होती थी तो …

क्या डीके शिवकुमार बदल पाएंगे सत्ता-विरोधी राजनीति का चार दशक पुराना गणित?

“कर्नाटक का मतदाता आर्थिक प्रदर्शन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और नेतृत्व विश्वसनीयता—तीनों का संयुक्त मूल्यांकन करता है।” – इसी आलेख से …

उत्पीड़ितों का शिक्षाशास्त्र (भाग 1)

ब्राजील के पौलो फ्रेरे का ‘उत्पीड़ितों का शिक्षाशास्त्र’ दुनिया की मशहूर किताबों में एक है। यह आलेख-माला इसी पुस्तक पर …
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