लोकजीवन से जुड़ें

हमारे न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें और लोकजीवन से जुड़ी ताज़ा ख़बरें, कहानियाँ, और विचार सीधे अपने इनबॉक्स में प्राप्त करें।

questions, man, eyeglasses, glasses, who, how, what, where, why, when

मनुष्य क्या है?

“वैज्ञानिकों ने हमें Homo Sapiens कहकर पुकारा, जहाँ Sapiens का शाब्दिक अर्थ बुद्धिमान होता है। उनके कथन का अर्थ है …
Woman in pink coat walks by pink wall

इन दिनों : जेफ्री एपस्टीन और मौजूदा विकास

“यह घटना मर्दवादी समाज की पोल खोलती ही है, साथ ही बताती है कि मनुष्य अभी तक निरा जानवर ही …

एक लेखक क्या चाहता है?

“लेखक अपनी बेटी को बताना चाहता है कि इस देश-समाज की उत्तराधिकारी तुम ही हो। पर इसके लिए तुम्हें नेता, …

इन दिनों : माननीयों के कुकर्म

“जिस मुख्यमंत्री को संविधान से प्यार नहीं है, उसे सम्मान नहीं देता, उस मुख्यमंत्री को कुर्सी पर क्यों रहना चाहिए? …

जो है, जरूरी है

‘जब मैं किताब हाथ में लेकर पढ़ा करता था, या किसी कॉपी पर अपनी कलम से लिख रहा होता था, …

इन दिनों : सैंया को कोतवाल नहीं होना चाहिए

अगर लोकतंत्र के प्रति आस्था न हो, तो लोकतांत्रिक ढंग से चुन कर आने के बाद या तत्कालीन राजनैतिक शख्सियत …

दुख का दर्शन

“आज हम, भारत के लोग सिर्फ़ इसलिए कष्ट नहीं झेल रहे कि देश की अर्थव्यस्था संकट में है। बल्कि हमारे …

बजट: बहेलिया आयेगा, दाना डालेगा….

“बजट समता कायम करने नहीं, आर्थिक गैर बराबरी बढ़ाने के लिए लाया जाता है। यह अमीरों का उपक्रम है। सरकार …

शिक्षा : अधिकार से बाजार तक – नागरिक, कॉर्पोरेट और राज्य

शिक्षा, जो ऐतिहासिक रूप से सामाजिक पुनरुत्पादन और नागरिक चेतना के निर्माण का माध्यम रही है, नवउदारवादी पूँजीवाद के चरण …
/

इन दिनों : कहाँ आ गये हम, यों ही चलते-चलते

“मनुष्य में प्रकृति के दोनों गुण मौजूद हैं – सृजन भी और संहार भी। प्रकृति का अपना स्वभाव है। वह …

इन दिनों : एक अधूरी लड़ाई को अंजाम तक ले जाने की जरूरत

“बीजेपी जातिवादी और संप्रदायवादी पार्टी है। उसके जेहन और उसके समर्थक संगठनों में जातिवादी विषाणु है।‌ वह अपने स्वार्थ के …

टैक्स पर टिप्पणी

“जब तक किसी को अशिक्षा, बीमारी, और युद्ध से मुनाफा होता रहेगा, कोई सुरक्षित नहीं रहेगा। सरकारों की पहली प्राथमिकता …