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उच्च शिक्षा में ग्रामीण क्षेत्रों का योगदान

“जब किसी गरीब किसान का बेटा या मजदूर की बेटी विश्वविद्यालय तक पहुँचती है, तब केवल एक छात्र शिक्षित नहीं …

शिक्षा का बाजारीकरण, सत्ता की विफलता और युवाओं के सपनों पर हमला

“NEET जैसी परीक्षाएँ अब “प्रतिभा की परीक्षा” कम और “व्यवस्था की सड़ांध” का प्रतीक अधिक बनती जा रही हैं।” – …
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हमारी शिक्षा-व्यवस्था कैसी हो?

“भारत की शिक्षा को केवल ‘स्मार्ट क्लास’ नहीं चाहिए, बल्कि मानवीयता, वैज्ञानिक दृष्टि, लोकतांत्रिक संस्कृति, सामाजिक न्याय और बौद्धिक स्वतंत्रता की आवश्यकता है।” – …
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NEET रद्द : पेपर लीक ने राज्य की उदासीनता को उजागर किया

“जब तक इस संकट को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर देखा जाएगा और उससे आगे गंभीर चिंतन नहीं किया जाएगा, तब …
A devastated city burns under a smoky sky.

इन दिनों : ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है!

” हो सकता है, यह सभ्यता टूट-बिखर जाये। नयी सभ्यता खड़ी हो और मनुष्य नये तरीक़े से जीने लगे तो …

आर्थिक संकट, सरकारी अपील और जनता पर बढ़ता बोझ

“सरकार का दावा है कि देश के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार है, लेकिन दूसरी तरफ प्रधानमंत्री स्वयं ईंधन बचत की …
Elegant close-up of a bride showcasing intricate henna and gold jewelry, evoking cultural beauty.

इन दिनों : हिपोक्रेट

“मौजूदा भारत में हिप्पोक्रेसी का बाज़ार सर्वोत्तम है। सरकार चाहे तो हिप्पोक्रेसी को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में बोली लगा सकती है। …

दक्षिण की नई धुरी बनेगा तमिलनाडु

“तमिलनाडु का यह चुनाव केवल सरकार परिवर्तन की घटना नहीं है। यह उस नई राजनीतिक बेचैनी का परिणाम है, जिसमें …
Protest sign reading 'Defend Democracy, Fight Fascism' at an outdoor rally in Elk Grove, CA.

इन दिनों : राजनीतिक पैंतरेबाज़ी और बुद्धिखोर

“आप सॉफ्ट और हार्ड की बात मत कीजिए। आपने संविधान की शपथ खाई है। संविधान के तहत काम कीजिए। जो …

इन दिनों : गिद्ध-युग और मांस की पोटली

“भारत की मौजूदा राजनीति एक चक्रव्यूह में फँस गई है। इस राजनीति के लिए भ्रष्टाचार बहुत ज़रूरी है। अगर आप …

इन दिनों : बुद्धिजीवियों के छल

“राजनीति में सुपुत्रों की कोई कमी नहीं है। हमाम में अब सब नंगे हैं। इसकी आलोचना और निंदा भरपूर करें। …

इन दिनों : कृतज्ञता और कृतघ्नता

“गृहस्थ को तो घर चलाना है। उसकी चिंता समझ में आती है, लेकिन संत क्यों चिंतित है? दरअसल संत आज …