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Captivating view of powerful ocean waves crashing in Istanbul, Turkey.

इन दिनों : खौलते समुद्र में पिकनिक नहीं मना सकते

“ट्रंप पर चली गोलियाँ कोई अच्छा संकेत नहीं है, लेकिन ट्रंप हर दिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें …

इन दिनों : कहाँ जाई, का करी?

“सोलहवीं सदी में भी ‘जीविका-बिहीन’ लोग खुद से सवाल करते थे- कहाँ जायें, क्या करें? आज भी पूरी दुनिया की …
A vibrant carnival scene in Pachuca, Hidalgo with colorful costumes and traditional masks.

इन दिनों : मवालियों के पैने नख-दंत

“नफ़रत नयी दुनिया नहीं रच सकती। हिंसा सदा विध्वंस करती है। आज मनुष्य के अंदर जो व्याकुलता है, वह सामान्य …

इन दिनों : पटरी पर दौड़ती टमटम

“ईरान पर थोपे गए युद्ध रूक नहीं रहे और वह क्रमशः भयानक होते जा रहे हैं। इस मार्ग से आते-जाते …
Protest sign reading 'Defend Democracy, Fight Fascism' at an outdoor rally in Elk Grove, CA.

इन दिनों : लोकतंत्र और खंडित मानव

“व्यवहारों में संतुलन, सम्मान, संवाद। लोकतंत्र के लिए यह एकमात्र रास्ता है, मगर फ़िलहाल तो हर बात में विवाद। जनता …
A serene boat ride capturing the essence of Ambarawa, Indonesia, on a calm morning.

इन दिनों : बाबू मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं 

“प्रधानमंत्री का नौका विहार भी सुमित्रानंदन पंत का नौका विहार नहीं है। वे यहाँ भी वोट का व्यापार कर रहे …
fish dish on blue ceramic plate

इन दिनों : सत्ता की शाकाहारी मछलियाँ 

“बंगाल में इन्होंने मछली खा ली तो वह मछली शाकाहारी हो गयी और जब ये अरुणाचल जायेंगे, जहाँ लोग कुत्ते …

इन दिनों : पीपल का साधु-भाव और गोबर-गौमूत्र के जलवे 

“पीपर के नीचे हँसी- मजाक और कभी बोगिलबाजी। हम बच्चे बोगिल (धरती पर चौकोर खींचीं रेखाएँ) बनाकर गुल्लियाँ टनकारते। अब …
A clear view of the full moon against a blue night sky with a bare tree in the foreground.

इन दिनों : और चाँद चू गया

“चाँद तो सूरज से रोशनी लेता है। आदमी भी एक-दूसरे से ज्ञान प्राप्त करता है। ज्ञान ही तो आदमी की …

भारतीय भाषाओं को कितना खतरा है?

“इस दस्तावेज़ में किया गया आकलन उन सभी भारतीय भाषाओं पर लागू होता है, जिनका प्रयोग राज भाषाओं के रूप …
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man and woman sitting on rock near sea during daytime

इन दिनों : अजीब दास्ताँ है ये, कहाँ शुरू, कहाँ ख़त्म…

“यह सच है कि काल की चक्की चल रही है, एक दिन उस चक्की में पिसना ही है, मगर मनुष्य …

इन दिनों : छाती पीटने और हाय-हाय करने के चैम्पियन

“प्रधानमंत्री और गृहमंत्री जानते थे कि जिस तरह की शर्तें वे महिला आरक्षण बिल में जोड़ रहे हैं, उन्हें विपक्ष …