इहलोकतंत्र, जन पत्रकारिताजो है, जरूरी है'जब मैं किताब हाथ में लेकर पढ़ा करता था, या किसी कॉपी पर अपनी कलम से लिख रहा होता था, तब सिर्फ़ मेरी वैचारिक स्मृति ही नहीं, Image Memory भी बन रही होती थी। ....." इसी आलेख से सुकांत कुमारFebruary 4, 20261 Comment