Dr. Anil Kumar Roy

Dr. Anil Kumar Roy

कार्यकर्ता और लेखक
डॉ. अनिल कुमार रॉय सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के लिए अथक संघर्षरत हैं। उनके लेखन में हाशिए पर पड़े लोगों के संघर्ष और एक न्यायसंगत समाज की आकांक्षा की गहरी प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।

सामाजिक न्याय के अस्पताल में शिक्षा की शव-परीक्षा

shallow focus photo of girl holding newspaper

‘सामाजिक न्याय’, ‘सबका साथ, सबका विकास’ आदि आजकल बास्केट बॉल खेल की गेंद की तरह हर राजनीतिज्ञ के हाथ में उछलता हुआ जुमला है और हर दल इस गेंद को अपने पाले में करने की कोशिश में लगातार लगा हुआ…

उच्च शिक्षा के ताबूत में एक और कील

Photograph of Girls Wearing Uniform
मुश्किल है हम उस दौर में जी रहे हैं, जिसके सामने से शिक्षा की शवयात्रा निकल रही है, लेकिन हमारी आँखें इसलिए नम नहीं हो रही हैं, क्योंकि हमें समझाया गया है कि शिक्षा कब्र में नहीं, स्वर्ग में जा रही है.

दंगों की राजनीतिक आर्थिकी

इस साल रामनवमी के अवसर पर बिहार के कई जिलों में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिश हुई। इन तनावों को दंगा नहीं कहा जा सकता है। सांप्रदायिक दंगे का अर्थ होता है – संप्रदाय के आधार पर दोनों पक्षों…

बताना मना है

सरकारी आदेश के बाद कॉलेज में शुरू हुई बैठकों, बढ़ते नामांकन की होड़, और एक अवैतनिक प्राध्यापक की संघर्षमय ज़िंदगी—यह कहानी शिक्षा, राजनीति और जीविका की कड़वी सच्चाइयों को बड़े सजीव ढंग से उजागर करती है।