राजनीतिक एवं सामाजिक उपेक्षा और उद्देश्यविहीन प्रशासनिक कवायदों के बीच मूल्य खोती बिहार की विद्यालयी शिक्षा के सवाल

देश की विविधता पूर्ण स्वतंत्र वैचारिक चेतना पर नियंत्रण के उद्देश्य से राजनीतिक नियामक समूह विकासोन्मुख नीतियों के नाम पर विद्यालयों में एक ऐसा शैक्षणिक ढाँचा तैयार करने जा रहा है, जो “राष्ट्रीय एकता” के नाम पर विविधता और आलोचनात्मक चेतना को दबा रहा है। - इसी आलेख से
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एजुकेटर एवं विश्लेषक(प्रारंभिक शिक्षा)RTE, RTIएक्टिविस्ट(बिहार)

रंजन कुमार
रंजन कुमार

एजुकेटर एवं विश्लेषक (प्रारंभिक शिक्षा) RTE, RTI एक्टिविस्ट (बिहार)

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