इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : सदियों का ऊहापोह कायम है"जाति की सड़ांध हिन्दू समाज का पीछा नहीं छोड़ रही। हम कितने ही जाति के बारे में प्रचार करें कि जाति नहीं बची, लेकिन सच यह है कि जाति हिन्दुओं की नस-नस में है।" - इसी आलेख से।डॉ योगेन्द्रAugust 30, 2026
इन दिनों, जन पत्रकारिता, राजनीतिइन दिनों : नेताओं का धर्म – अपराध और जाति का संरक्षण'लोकजीवन' के 'इन दिनों' कॉलम में प्रो० योगेंद्र बिहार की राजनीति में अपराध और जाति के राजनीतिक संयोजन की चर्चा कर रहे हैं। डॉ योगेन्द्रNovember 4, 20251 Comment