स्टेचू ऑफ़ यूनिटी के मायने ….

"दुनिया की सबसे ऊँची मूर्ति, उसी तरह की भयावह भीड़, किसी पौराणिक मंदिर की तरह एक घंटे में एक-दो कदम सरकने वाली स्थिति से होते हुए हम भीतर लिफ्ट से ऊपर पहुँचे, जहाँ गैलरी में देखने के नाम पर ऐसा कुछ नहीं था। कुछ आदमकद ऐतिहासिक फोटोज, बस!" - इसी आलेख से
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सामाजिक-समसामयिक विषयों पर पत्र-पत्रिकाओं में स्वतंत्र रचनाकार
( तीन किताबें प्रकाशित, शरारत, अनुभूति, सफेद चेहरा)
पटना, बिहार

कविता 'पद्मज'
कविता 'पद्मज'

सामाजिक-समसामयिक विषयों पर पत्र-पत्रिकाओं में स्वतंत्र रचनाकार
( तीन किताबें प्रकाशित, शरारत, अनुभूति, सफेद चेहरा)
पटना, बिहार

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