AITUC की 106वीं वर्षगाँठ के अवसर पर : संविधान की आत्मा पर संकट और मजदूर वर्ग की ऐतिहासिक जिम्मेदारी

संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और मजदूर वर्ग की संगठित शक्ति के बीच गहरा संबंध है। पहली लोकतंत्र को संस्थागत सुरक्षा देती है और दूसरी उसे सामाजिक आधार। इनमें से किसी एक के कमजोर होने पर दूसरा भी अंततः असुरक्षित हो जाता है।
