तीन नये आपराधिक दंड क़ानून और नागरिक स्वतंत्रता

तीन नये आपराधिक दंड क़ानूनों पर यह 'लोक स्वातंत्र्य संगठन' (पीयूसीएल) का दृष्टि-पत्र है, जो दिनांक 01 सितंबर, 2024 को 'भारतीय संसद द्वारा पारित तीन नये आपराधिक दंड क़ानून और नागरिक स्वतंत्रता पर बढ़ते ख़तरे' विषय पर आयोजित परिचर्चा में प्रस्तुत किया गया था।

सरफराज पीयूसीएल, बिहार के महासचिव हैं और जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं।
बिहार में दलित, अल्पसंख्यक, मज़दूर, किसान और महिलाओं के मानवाधिकार के मामलों पर उन्होंने काफ़ी काम किया है।
हाल के दिनों में नफ़रत पर आधारित अपराधों और भाषण पर गंभीर रूप से सक्रिय हैं।

सरफराज
सरफराज

सरफराज पीयूसीएल, बिहार के महासचिव हैं और जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं।
बिहार में दलित, अल्पसंख्यक, मज़दूर, किसान और महिलाओं के मानवाधिकार के मामलों पर उन्होंने काफ़ी काम किया है।
हाल के दिनों में नफ़रत पर आधारित अपराधों और भाषण पर गंभीर रूप से सक्रिय हैं।

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