"जब तक इस संकट को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर देखा जाएगा और उससे आगे गंभीर चिंतन नहीं किया जाएगा, तब तक पेपर लीक की घटनाएँ जारी रहेंगी।" - इसी आलेख से
मानवीय संपर्क, जिसके तहत विद्यार्थी कक्षा में दिलचस्प प्रश्न पूछ सकते थे, शिक्षकों को चुनौती दे सकते थे, आत्मनिरीक्षण कर सकते थे या अपनी बहस को कक्षा से बाहर निकालकर गलियारों और कैंटीन तक ले जा सकते थे, धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है, क्योंकि शैक्षणिक परियोजना व्यक्तिगत और अलगावकारी होती जा रही है।