सुकांत कुमार

सुकांत कुमार

युवा लेखक और चिंतक, दर्शनशास्त्र में मास्टर डिग्री ( गोल्ड मेडलिस्ट)

हर कोई शास्त्री

"हम सबको मिलकर शिक्षा के बारे में सोचना ही होगा। एक ऐसी शिक्षा, जो जानवरों को ऐसा इंसान बना सके, जिसे जानवरों से भी सहानुभूति हो। यहाँ तो जानवरों के नाम पर भी भ्रष्टाचार चल रहा है, और नारे लग रहे हैं कि धर्म ख़तरे में है। होगा ही। जहाँ जीवन ख़तरे में हो, वहाँ धर्म पर दुधारी तलवार तो लटकती ही रहेगी।" - इसी आलेख से

सही सवाल

"हमारी समस्या ही यही है कि हम जवाब तलाश रहे हैं। और हमें सवाल ही पता नहीं होता। सही सवाल पूछेंगे, तभी तो सही जवाब तक पहुँचने की जिज्ञासा जागेगी।" - इसी आलेख से