Category विश्व

भारतीय राजनीति के संकट और अमेरिका की नयी राजनीति के सबक 

आलेख में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर के रूप में चुने जाने वाले ममदानी और काउंसलर के रूप में निर्वाचित होने वाले कम्युनिस्ट नेताओं की राजनीतिक रणनीति की विवेचना है और इसके साथ ही जन-जुड़ाव के चुनावी अभियान की संभावना की भारतीय राजनीतिक-सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में पड़ताल है।

मुफ़्तख़ोरी बनाम इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत किस रास्ते पर जाएगा?

भारत आज विकास की राह में एक चौराहे पर खड़ा है। लोकतंत्र की ताक़त और आर्थिक आज़ादी को मिलाकर हम नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकते हैं।

जेन-जी आंदोलन एवं नेपाल में लोकतंत्र का भविष्य

a large crowd of people standing in a street
दक्षिण एशिया के कई देश राजनीतिक अस्थिरता और आंदोलनों के थपेड़ों को झेल रहे हैं। इसी की अगली कड़ी नेपाल का जेन-जी आंदोलन है। नेपाल का आंदोलन वहाँ के आर्थिक-राजनीतिक परिदृश्य का परिणाम है। सत्ताधारियों को इस आंदोलन से सीख लेकर राज्य की नीतियों को जनोन्मुखी बनाने की जरूरत है।

कैसे 3 nm चिप्स भारत को मजबूत बनाती हैं

Intel computer processor in selective color photography
भारत ने हाल ही में 3 nm चिप डिज़ाइन की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह पहल न सिर्फ तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर इशारा करती है, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोज़गार और सीखने के नए अवसर भी खोलती है। अपनी चिप डिज़ाइन फर्म होने से देश की सुरक्षा मज़बूत होगी, आर्थिक लाभ मिलेगा और भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद तकनीकी साझेदार के रूप में उभर सकेगा।

ग्लोबल पीस इंडेक्स रिपोर्ट 2024: अशांति की ओर अग्रसर होती हुई दुनिया

ग्लोबल पीस इंडेक्स (GPI) 2024 की रिपोर्ट में वैश्विक शांति की स्थिति में 0.56% की गिरावट दर्ज की गई है, और दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार संघर्षों की संख्या 56 तक पहुँच गई है। 97 देशों में शांति की स्थिति खराब हुई है, जबकि 92 देश सीमाओं के बाहर संघर्षों में संलिप्त हैं। गाजा और यूक्रेन में संघर्षों के कारण 2023 में 162,000 लोगों की मौत हुई, और हिंसा का वैश्विक आर्थिक प्रभाव 19.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया है, जो वैश्विक जीडीपी का 13.5% है। भारत समेत कई देशों ने शांति में सुधार किया है, लेकिन उत्तरी अमेरिका में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट यह संकेत देती है कि वैश्विक शांति की दिशा में सामूहिक और सतत प्रयासों की आवश्यकता है, क्योंकि बिना शांति के मानवता के विकास और उसकी गरिमा की कल्पना नहीं की जा सकती।