इन दिनों : भींगे कंबल, बरसे पानी

"शिक्षा बीच बाजार में खड़ी है। हर स्तर की डिग्री का मोल भाव हो रहा है। यहाँ तक कि सरकारी विश्वविद्यालयों की हालत कम खराब नहीं है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सिर्फ नारों में सिमट गई है।" - इसी आलेख से
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प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

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