इन दिनों : सौंदर्य और स्वाभिमान
“जंगल और वनों को हमने नहीं बनाये। कुदरत ने करोड़ों पेड़ों का संवर्धन किया। जीव जंतु, झरने, नदियाँ। खूबसूरती। मगर …
इन दिनों : अथ श्री महाभारत कथा
महाभारत एक मुकम्मल कथा है। रिश्ते ऐसे-ऐसे कि सहज विश्वास नहीं होता। यहाँ मनुष्य का सरलीकरण नहीं है कि ईमानदार …
भाषा का वर्ग-विभाजन और द्वंद्वात्मकता
शासन की व्यवस्था के भीतर पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों में अक्सर भाषा को अभिव्यक्ति का साधन बताया जाता है। लेकिन …
इन दिनों : आजाद नस्लों पर मंडराते खतरे
“विदेशी कुत्ते विद्रोही नहीं होते। देशी कुत्ते झाँव-झाँव कर लेते हैं। विदेशी कुत्ते जितने मालिक के गुलाम होंगे, वे उतने …
शिक्षक और कुत्तों की गिनती : बिहार सरकार की वैचारिक बीमारी
“बिहार में शिक्षक को कक्षा से बाहर निकालने की एक स्थायी परंपरा बन चुकी है।……… हर बार तर्क एक ही …
इन दिनों : आदमी होने की कसौटी
“मृत्यु सिर्फ देह की क्षय से नहीं होती। देह रहते हुए भी मृत्यु हो जाती है। आपके अंदर का इंसान …
इन दिनों : जीने की कला में छेद
“हमारे देश में अनेक धर्म, अनेक जाति और अनेक संस्कृतियाँ हैं। जो बहुल संस्कृति से प्यार करेगा, वही सच्चा भारतीय …
इन दिनों : असभ्य घटनाओं पर चुप्पियों के अर्थ
“यह देश जिसे गर्व है कि पहले यहाँ सभ्यता उतरी। दुनिया का सबसे पुराना ग्रंथ वैदिक साहित्य जहाँ सृजित हुआ, …
इन दिनों : बुद्धिखोरों की सड़ांध
“मुझे गर्व होता है कि मैं उस देश का वासी हूँ, जहाँ बुद्ध हुए हैं, लेकिन मुझे बुद्धिखोरों को लेकर …
काराकास पर हमला : ट्रंप के साम्राज्यवादी अतिक्रमणवाद का खुला ऐलान
“इतिहास बताता है कि साम्राज्य अपने सबसे घमंडी दौर में ही गिरावट की ओर बढ़ते हैं। ट्रंप का खुला विस्तारवाद, उसकी …
इन दिनों : ट्रंप की दादागिरी और वेनेजुएला के सबक
“जिस युग में किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति और उसकी पत्नी को घसीट कर बंधक बनाया जा रहा हो, उस …
इन दिनों : बदलते वक्त में बेचैन चेतना
“सुख कब दुख में बदल जाता है, कहा नहीं जा सकता। देह बहुत सुखी हुआ तो डायबिटीज, ब्ल्डप्रेशर, कैंसर। मन …











