इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : कलियुग के अघोषित ईश्वर"बहुत से लोग इन पर हंसते हैं। जो हंस नहीं पाते, वे विश्वास करते हैं। जो विश्वास नहीं करते, उन्हें भी लगता है कि क्या ठिकाना, जो कह रहे हैं, वही सच हो।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रDecember 11, 20251 Comment