इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : असंतुष्टों की जंग के शिकार"अमानवीयता में कुरूपता है और संवेदना में सौंदर्य है। मनुष्य प्रकृति को खदेड़ता जा रहा है। वह जिसके कारण जीवित है, उसके खिलाफ ही युद्ध ठान रखा है।" इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रJanuary 18, 20261 Comment