इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : कितने मुनासिब हैं इस सफर के लिए"दरअसल सरकार समझने में असमर्थ है कि राज्य के विकास में काम चाहिए। भ्रष्टाचार मुक्त सरकारी दफ्तर चाहिए। सम्मान से जीने के संसाधन चाहिए। पेट को अन्न चाहिए।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रDecember 17, 20251 Comment