
"असली जानवर तो बड़े-बड़े नगरों में हैं, जो सृष्टि के असल दरिंदे हैं। यह अनपढों से भी गये गुज़रे हैं। आदमखोर नहीं, सृष्टिखोर।" - इसी आलेख से

"हाट से जानवर तक देखभाल कर लेते हैं और जिन्हें देश के नेतृत्व के लिए चुनते हैं, उन्हें कम से कम लापरवाही या भड़काऊ बयानों के आधार पर न चुनें।" इसी आलेख से

"वैज्ञानिकों ने हमें Homo Sapiens कहकर पुकारा, जहाँ Sapiens का शाब्दिक अर्थ बुद्धिमान होता है। उनके कथन का अर्थ है कि मनुष्य एक बुद्धिमान प्राणी है। ....." - इसी आलेख से

"क्या है इहलोकतंत्र? मैंने पाया यह दुनिया मेरी है। मैं इसे लिख रहा हूँ, ना सिर्फ़ शब्दों में, बल्कि अपने कर्मों से। मैंने अपने कर्म लिख डाले।" - इसी आलेख से

"सुख कब दुख में बदल जाता है, कहा नहीं जा सकता। देह बहुत सुखी हुआ तो डायबिटीज, ब्ल्डप्रेशर, कैंसर। मन को ज्यादा सुख मिला तो अकेलापन।" - इसी आलेख से

"आदमी को लगता है कि वह ही धरती का नियंता है। एक दिन उसका शरीर अर्थी पर पड़ा रहता है। उसके लिए हल्के-फुल्के आँसू जरूर बहते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर इस बात की तैयारी हो रही होती है कि अर्थी कैसे जल्द-से-जल्द चिता बने।" - इसी आलेख से