इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : बदलते वक्त में बेचैन चेतना"सुख कब दुख में बदल जाता है, कहा नहीं जा सकता। देह बहुत सुखी हुआ तो डायबिटीज, ब्ल्डप्रेशर, कैंसर। मन को ज्यादा सुख मिला तो अकेलापन।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रJanuary 3, 20261 Comment
इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है युधिष्ठिर?"आदमी को लगता है कि वह ही धरती का नियंता है। एक दिन उसका शरीर अर्थी पर पड़ा रहता है। उसके लिए हल्के-फुल्के आँसू जरूर बहते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर इस बात की तैयारी हो रही होती है कि अर्थी कैसे जल्द-से-जल्द चिता बने।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रDecember 21, 20251 Comment