इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : कृतज्ञता और कृतघ्नता"गृहस्थ को तो घर चलाना है। उसकी चिंता समझ में आती है, लेकिन संत क्यों चिंतित है? दरअसल संत आज ज़्यादा चिंतित है, क्योंकि संतई छोड़ कर संतई का धंधा कर रहा है और धंधा तो महान चिंता का कारण है।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रMay 8, 20262 Comments