इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : कुछ ऐसा करें कि पड़ोसी का घर भी महक जाए"धूप से जले हुए मंजर धरती पर बिखरे पड़े हैं। कुछ दिन पूर्व पेड़ों के लाड़ले थे, अब उपेक्षित हैं। उपेक्षा टीस मारती है। जीवन को दग्ध करती है, लेकिन सीख भी देती है।" इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रMarch 20, 20261 Comment