इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों :अनिर्वचनीयता के बीच सृष्टिखोर"असली जानवर तो बड़े-बड़े नगरों में हैं, जो सृष्टि के असल दरिंदे हैं। यह अनपढों से भी गये गुज़रे हैं। आदमखोर नहीं, सृष्टिखोर।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रMarch 27, 2026