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इन दिनों : यादें और दुःस्वप्न

"सीधा-सीधा दस हजारी योजना वोट खरीद योजना है।‌ लोकतंत्र का आधार चुनाव है और चुनाव को धीरे-धीरे रसातल में लेकर जा रहे हैं।" - इसी आलेख से

बिहार विधानसभा चुनाव, 2025 : अन्तर्विरोधों की बलि चढ़ा महागठबन्धन!

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की पराजय का विश्लेषण कई दृष्टियों से किया गया है। इस आलेख में उन अन्तःकारणों की पड़ताल की गई है, जिसके कारण महागठबंधन कमजोर हुआ।

इन दिनों : कुछ सवाल खुद से, कुछ सवाल आपसे

बिहार के चुनाव परिणाम ने हज़ार सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे मौजूँ सवाल है कि चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए या नहीं? यदि उत्तर हाँ है तो फिर उसके लिए क्या किया जाना चाहिए? यह आलेख इन्हीं प्रश्नों से जूझता है।

इन दिनों : जाति वह दीमक है जो भारत की आत्मा को चाट रही है

"आजादी की लड़ाई में जाति थोड़ी दबी थी। एकजुटता का बोध बढ़ा था। आजादी के बाद की राजनीति ने जातियों को और गाढ़ा किया है और अब सिर पर नाच रहा है।" - इसी लेख से

इन दिनों : तोड़ने ही होंगे मठ और किले सब

एआई द्वारा निर्मित प्रतीकात्मक चित्र
उन्होंने जिसकी गारंटी दी, वह बर्बाद हो गया। इस बार संविधान की बारी है । उन्होंने संविधान को सिर से लगा लिया है। - इसी आलेख से।

इन दिनों : केंचुआ मुफ्त में बदनाम है 

यह सच है कि केंचुआ में रीढ़ नहीं होती, लेकिन तब भी वह मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। वह किसानों का मित्र और धरती का हलवाहा कहा जाता है। चुनाव आयोग तो लोकतंत्र से जन्मा और लोकतंत्र को ही खा रहा है। यह तो पितृहंता है। केंचुआ बहुत बेहतरीन प्राणी है, चुनाव आयोग ने तो अपनी मिट्टी पलीद कर कर ली। - इसी आलेख से

इन दिनों : प्रधानमंत्री का कट्टा प्रेम और बिहार का दुखड़ा

कल भागलपुर में पुराने साथियों की बैठक हुई। संदर्भ बिहार का चुनाव था। पुराने साथियों का जिक्र इसलिए किया, क्योंकि किसी का संबंध जेपी आंदोलन से था, किसी का झुग्गी झोपड़ी आंदोलन से तो किसी का गंगा मुक्ति आंदोलन से।…

समावेशी लोकतान्त्रिक राजनीति और मुसलमान

राजनीति में मुस्लिम प्रतिनिधित्व का घटते जाना चिंता का विषय है। इसे केवल एक प्रमुख समूह की राजनीतिक उपेक्षा के रूप में नहीं देखा जा सकता है, बल्कि इसके दूरगामी राजनीतिक कुप्रभाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र : काँटे की टक्कर के बीच मिनी बिहार में तब्दील  

पिछले लेख में आपने पढ़ा था तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव का विश्लेषण। इस लेख में प्रस्तुत है बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव का विभिन्न आधारों पर विश्लेषण।

एनडीए : बहुत कठिन है डगर पनघट की (तेघड़ा विधानसभा चुनाव का विश्लेषण)

इस विश्लेषण में लेखक ने तेघड़ा विधानसभा के चुनावी परिदृश्य का विश्लेषण किया है। लेखक के अनुसार चुनाव आसान नहीं है। लेकिन संभावनाओं का विश्लेषण किस ओर इंगित करता है, इसे जानने के लिए पढ़ें यह लेख -