इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : अँधेरे में लिपटता सत्यसोशल मीडिया पर या तो आप एआई की गिरफ्त में हैं या नफ़रत की या विज्ञापनों की। बहुत कम पोस्ट तार्किक और बौद्धिक होते हैं।डॉ योगेन्द्रMarch 30, 20269 Comments