इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : गलगोटिया की अपसंस्कृति अचानक नहीं आयी"जो भी हो, गलगोटिया कोई एक दिन में पैदा नहीं होता। उसकी भी लंबी परंपरा है। झूठ का जो टोकरा प्रधानमंत्री ने जनता को थमाया है, उसमें गलगोटिया यूनिवर्सिटी का ही विकास हो सकता है।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रFebruary 19, 20263 Comments