इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : सच्चे बच्चों की चेतना में भूकंप"बच्चों को किताबों और नेट में झोंक दीजिए, फिर तो यंत्र ही बनेंगे और नहीं बन सके तो किसी कुकांड के शिकार होंगे। ऐसे ही बिगड़े बच्चों के मुँह पर ताले नहीं होते।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रMarch 31, 2026