इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : बुद्धिखोरों की सड़ांध"मुझे गर्व होता है कि मैं उस देश का वासी हूँ, जहाँ बुद्ध हुए हैं, लेकिन मुझे बुद्धिखोरों को लेकर शर्म आती है कि तात्कालिक लाभ के लिए इन्होंने अपने को गिरवी रख दिया है।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रJanuary 5, 20261 Comment