इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : उच्च शिक्षा का हाल- बेहाल"कोई मक्खी यों ही नहीं निगलता। इसके लिए मूल्य चुकाने होते हैं। यह मूल्य पैरवी और पैसे के रूप में चुकाए जाते हैं, लेकिन इस मूल्य के बदले में मरती है उच्च शिक्षा।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रJanuary 2, 2026