इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : आधुनिक सभ्यता का स्याह चेहरासभ्यता का तक़ाज़ा है कि लोग शांति और सुख की ओर बढ़ें। लेकिन विश्व में हड़पने की होड़ ने हत्याओं और विनाश का अंतहीन दौर चल पड़ा है। हमारी सभ्यता का आज यही चेहरा बन गया है।डॉ योगेन्द्रMarch 14, 2026