कूटनीति की नई भाषा : युवा, शिक्षा और ज्ञान से बदलते वैश्विक संबंध

"कूटनीति लंबे समय तक सरकारों, राजधानियों और राजनयिकों के बीच होने वाली बातचीत तक सीमित समझी जाती रही। आज उसकी सीमाएँ काफी विस्तृत हो चुकी हैं। विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, सांस्कृतिक संगठन, विद्यार्थी, वैज्ञानिक, कलाकार और युवा स्वयं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के महत्वपूर्ण वाहक बन रहे हैं।" - इसी आलेख से
