इन दिनों : गलगोटिया की अपसंस्कृति अचानक नहीं आयी

"जो भी हो, गलगोटिया कोई एक दिन में पैदा नहीं होता। उसकी भी लंबी परंपरा है। झूठ का जो टोकरा प्रधानमंत्री ने जनता को थमाया है, उसमें गलगोटिया यूनिवर्सिटी का ही विकास हो सकता है।" - इसी आलेख से
जन पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए उपर्युक्त QR Code को स्कैन करके 20, 50 या 100 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर सकते हैं।
जन पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए उपर्युक्त QR Code को स्कैन करके 20, 50 या 100 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर सकते हैं।

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू,ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय,भागलपुर

डॉ योगेन्द्र
डॉ योगेन्द्र

प्रोफेसर, पूर्व विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग

पूर्व डीएसडब्ल्यू, ति मां भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

Articles: 142

2 Comments

  1. सरकार की नीतियों की पोल खोलता सुंदर सहज लेख . प्रतिरोध के इस स्वर का अभिनंदन.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *