इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : वक्त का तराना"आज़ादी इसलिए नहीं मिली थी कि जिनके पूर्वजों ने ख़ून बहाया, उनकी नागरिकता पर ही सवाल उठने लगे। उन्हें 'परजीवी' और 'कॉकरोच' कहा जाने लगे। ऐसे ही वक़्त में रणभेरी बजती है।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रJune 3, 20261 Comment