इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : सागर होता आदमी"मनुष्य में संभावनाएँ बहुत हैं। वह बहुत तरल होता है। उसमें संवेदनाएं बहती रहती हैं, इसलिए उसमें बदलाव की अपार संभावनाएँ हैं। वह परिस्थितियों का शिकार भी होता है और उसे बदल भी देता है।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रJanuary 28, 20262 Comments