
"बीजेपी जातिवादी और संप्रदायवादी पार्टी है। उसके जेहन और उसके समर्थक संगठनों में जातिवादी विषाणु है। वह अपने स्वार्थ के लिए हिन्दू एकता की बात करती है, लेकिन जाति खत्म करने की बात नहीं करती।" - इसी आलेख से

"समुद्र पर काला अंधेरा फैला है, हहराती लहरें हैं। सिर्फ समुद्र की लहरों के सफेद झाग दिखाई पड़ते हैं। निरंतर समुद्र की आवाजें सुनाई पड़ रही हैं। देश में भी रोर और शोर है।" - इसी आलेख से

"आर एस एस या बीजेपी के कार्यकताओं को हिन्दू एकता इसलिए चाहिए कि उनकी सत्ता कायम रहे। राम कथा वाचक भी जाति गिनते नजर आते हैं। उन्हें अपने ब्राह्मण होने पर बहुत गर्व है। इन लोगों को हिन्दू राष्ट्र चाहिए। इनके स्वभाव और विचार से ऐसा लगता है कि उन्हें ऐसा हिन्दू राष्ट्र चाहिए जिसमें जाति का वर्चस्व कायम रहे।" इसी आलेख से

"देश को तीसरी राह की जरूरत है, जिसके केंद्र में राष्ट्र हो, सभी नागरिकों के लिए उसमें स्पेस हो, जाति उच्छेद करने की सच्ची ख्वाहिशें हों और आर्थिक समानता की जिद हो। सामाजिक और सांस्कृतिक एकता की बुलंद आवाज़ हो। वह न अन्याय करे और किसी को अन्याय करने दे।" - इसी आलेख से