इन दिनों : आदमी होने की कसौटी

"मृत्यु सिर्फ देह की क्षय से नहीं होती। देह रहते हुए भी मृत्यु हो जाती है। आपके अंदर का इंसान जैसे-जैसे छीजता जाता है, वैसे-वैसे आपकी मृत्यु होती जाती है। वह समाज मृत ही समझिए, जहाँ इंसानियत का टोटा पड़ जाता है।" - इसी आलेख से








