"सच बहुत कड़ुआ होता है, मगर एक समय ऐसा आता है कि बोलना पड़ता है। न चाहते हुए भी, लबों पर सच फूटने लगता है। क्योंकि सच बोलना समाज के जिंदा रहने का प्रतीक है।" - इसी आलेख से
"समुद्र पर काला अंधेरा फैला है, हहराती लहरें हैं। सिर्फ समुद्र की लहरों के सफेद झाग दिखाई पड़ते हैं। निरंतर समुद्र की आवाजें सुनाई पड़ रही हैं। देश में भी रोर और शोर है।" - इसी आलेख से