इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : सौंदर्य और स्वाभिमान"जंगल और वनों को हमने नहीं बनाये। कुदरत ने करोड़ों पेड़ों का संवर्धन किया। जीव जंतु, झरने, नदियाँ। खूबसूरती। मगर दो टके के राजनेता और पूँजीपतियों ने इस खूबसूरती को उजाड़ा।" - इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रJanuary 11, 20261 Comment