
"डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर सभा हो और गांधी का ज़िक्र न हो, यह असंभव है। पूना पैक्ट के संदर्भ में गांधी पर कटाक्ष करना तो स्वभाव में शामिल हो गया है।" - इसी आलेख से

"जड़ों से उखड़े हुए लोग आदतन प्रेम, सद्भाव और सहकार से वंचित होते जाते हैं। माँ की गोदी, पिता से मिले व्यवहार, आस-पड़ोस के संबंधों की ख़ुशबू से अगर उखड़ गए तो फिर वे कहीं टिकते नहीं।" - इसी आलेख से

"बीजेपी जातिवादी और संप्रदायवादी पार्टी है। उसके जेहन और उसके समर्थक संगठनों में जातिवादी विषाणु है। वह अपने स्वार्थ के लिए हिन्दू एकता की बात करती है, लेकिन जाति खत्म करने की बात नहीं करती।" - इसी आलेख से