इन दिनों, जन पत्रकारिताइन दिनों : बुढ़ापा और जवानी: सौंदर्य और उदासी"विरह और मिलन का क्रम ही तो जीवन है। कहाँ होता है विरह और मिलन? एक स्थल पर निर्धारित है मिलन भी और विरह भी। जीवन इसके संयोग से ही समृद्ध होता है।" इसी आलेख से डॉ योगेन्द्रFebruary 23, 20261 Comment